इन दिनों कुशल ड्राइवरों, फिटरों, इलैक्ट्रीशियनों, सिक्योरिटी गार्डों, नर्सों की भारी मांग है। कारपोरेट जगत में इन क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं है। इस तथ्य को सरकार भली-भांति समझ रही है। इसलिए इन तरह के प्रशिक्षणों पर ज्यादा जोर दिए जाने की जरूरत है।
कंपनी एवं अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सलमान खुर्शीद ने दैनिक जागरण को दिए साक्षात्कार में उपरोक्त बातें कही हैं। उनके मुताबिक पिछड़ों व गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को रोजगार देने के लिए कारपोरेट कंपनियां भी उन्हें जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित करेंगी। इसमें केंद्र सरकार पार्टनरशिप के जरिए कंपनियों को बाकायदा सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा है कि इस सोच के पीछे सरकार की मंशा पिछड़े वर्ग के कल्याण के साथ ही जलवायु प्रबंधन पर जोर देना भी है। कंपनियों को प्रोत्साहन देकर पिछड़े वर्ग व गरीबी रेखा से नीचे के व्यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकते है।
श्री खुर्शीद ने कहा है कि इस योजना का लाभ पिछडे़ वर्ग के अल्पसंख्यकों को भी मिलेगा।
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