सांप्रदायिक हिंसा के लिए खबरों में आए कंधमाल के ग्रामीण इलाकों के आदिवासी युवाओं, जो गरीबी रेखा के नीते गुजर-बसर करते हैं, को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें पूर्वी भारत में ही नौकरी दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी इंदिरा गांधी खुला विश्वविद्यालय (इग्नू) ने ली है। प्रारंभ में व्यावसायिक प्रशिक्षण छह महीने और एक साल का होगा। पहला सत्र जनवरी से शुरू होना है।
सूत्रों के मुताबिक इग्नू उड़ीशा के बाद ऐसा ही अभियान झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी चलाएगा। उम्मीद की जा रही है कि इस अभियान से बेरोजगारी कम होगी और पलायन रूकेगा।
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