नई दिल्ली। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) वजूद में आ गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 20 अक्टूबर को इसका शुभारंभ किया।
एनएसडीसी सार्वजनिक निजी साझेदारी वाला गैर लाभकारी उद्यम है, जिसका 49 प्रतिशत शेयर सरकार के पास तथा 51 प्रतिशत निजी क्षेत्र के पास है।
एनएसडीसी को 50 करोड़ लोगों कौशल संपन्न बनाना है। इनमें से 30 प्रतिशत को 2022 हासिल कर लेना है।
श्री मुखर्जी ने एनएसडीसी का शुभारंभ करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद कौशल विकास की संपूर्ण रणनीति से संबंधित मूल सिद्धांत तय करेगी, राष्ट्रीय कौशल विकास समन्वय बोर्ड कौशल विकास के क्षेत्र में लगे विभिन्न सरकारी मंत्रालयों एवं विभागों में समन्वय कायम करेगा और एनएसडीसी कौशल विकास में सरकार के प्रयास में निजी क्षेत्र का सहयोग सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन में कौशल विकास के लिए त्रिपक्षीय व्यवस्था की बात कही गयी है, जिसमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद, राष्ट्रीय कौशल विकास समन्वय बोर्ड तथा एनएसडीसी शामिल है।
1 comment:
वैसे भी इस देश को कौशल निगम की जरूरत थी...बहुत से लोग हैं जिन्हें स्किलफुल बनाना जरूरी है ताकि वे अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ कर सके
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