Thursday, October 22, 2009

झारखंड की आदिवासी लड़कियों को व्यावसायिक शिक्षा

“बेटी न अभिशाप है, बेटी न ही अपमान है। बेटी घर की लक्ष्मी है, बेटी ही वरदान है।“ इसी नारे के साथ झारखंड के घाटशिला स्थित खड़िया सेटलमेंट प्राथमिक विद्यालय में राष्ट्रीय बालिका प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। दैनिक जागरण प्रकाशित खबर में यह जानकारी दी गई है।
एनपीजीएल के अध्यक्ष कुनाराम मुर्मू के मुताबिक इस कार्यक्रम के तहत छठी से आठवीं कक्षा तक की कमजोर छात्राओं को रेमीडियल कोचिंग दी जायेगी। इसमें गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय की कोचिंग ही दी जायेगी। जो लड़कियां स्कूल नहीं जा पाती है, उनके लिए भी रोजगार मूलक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। इस प्रशिक्षण में व्यावसायिक, सिलाई-कढ़ाई, टाईपिंग, ब्यूटी पार्लर, खिलौने व बैग बनाना आदि सिखाया जायेगा। प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियां विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकती है।

3 comments:

सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट) said...

झारखण्ड की बेटियों के लिए यह अच्छा प्रयास है,जानकारी के लिए आपका आभार !

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया प्रयास है !!

Anonymous said...

जन शिक्षा ब्लाग पर अनौपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण सें संबंधित अच्छी खबरें होती हैं। यह उपयोगी साईट है। युवाओं को काफी लाभ मिलेगा।